India New Education Policy 2020 – पढ़ें नई शिक्षा पालिसी में क्या हैं मुख्य बातें

UPDATE NEP 2020 नई शिक्षा  नीति  – जुलाई 29, 2020  को केंद्रीय  मंत्रिमंडल  ने नई राष्ट्रिय शिक्षा निति ( न्यू  एजुकेशन पालिसी ) को मंजूरी देने की घोषणा की और मानव संसाधन विकास मंत्रालय  का नाम बदल कर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है  यहां हम आपको बता देते है की इस नई शिक्षा निति में बहुत सारे बदलाव किये गए है|
राष्ट्रिय एजुकेशन पालिसी 1986  में तैयार की गई थी और बाद में 1992  में इसे संशोधित किया गया था|  इस नीति  के बाद से तीन दशक से अधिक हो गया था|  इन तीन दशकों में बड़े पैमाने पर समाज, दुनिया, हमारे देश  की अर्थव्यवस्था पर बहुत महत्वपूर्ण बदलाव हुए है|  इस लिए समय की मांग और देश की जरूरतों के कारण  शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने की जरुरत  थी| भारत देश को सुपर पावर बनाने में तीन बिंदु मदद करेंगे जैसे – क्वालिटी, रिसर्च और इनोवेशन|
नई शिक्षा नीति  के तहत स्कूल की शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा  में बहुत सारे बदलाव हुए है – ये बदलाव के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता  में बने है| राष्ट्रिय शिक्षा नीति  1986   में ड्राफ्ट  हुई थी और 1992  में इसमें संशोधन  हुआ और लगभग 34  वर्ष बाद  वर्ष 2020  में इसमें कई महत्वपूर्ण  बदलाव् किये गए है| ये बदलाव 108  पेजो के ड्राफ्ट में 21वीं  शताब्दी की पहली शिक्षा नीति  बताया गया है, इस नीति  का लक्ष्य देश के विकास के लिए अनिवार्य  आवश्यकता को पूरा करना है|  बता दें की लोकसभा  चुनाव से पहले से ही राष्ट्रिय शिक्षा नीति  सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र का हिस्सा थी | जबकि नई राष्ट्रिय शिक्षा नीति को लागू करने एवं शिक्षा स्वरूप को बदलने के लिए कई लाख शिक्षकों की आवश्यकता  होगी| लगभग 35  करोड़ विद्यार्थियों  के लिए एक करोड़  से ज्यादा शिक्षकों की जरूरत है|  देश में लगभग 15  लाख से ज्यादा स्कूल है  और हज़ार से ज्यादा  विश्विद्यालय  जबकि 41  हजार से ज्यादा कॉलेज है| इसमें प्राइवेट कॉलेज को जोड़ दें तो संख्या और भी ज्यादा हो जाती है|NEP National education Policy 2020

राष्ट्रिय शिक्षा नीति  2020  को विस्तार से प्रश्न और उत्तर शैली  इस प्रकार है|

राष्ट्रिय शिक्षा नीति 2020 में बताये गए सुधार कैसे लागू होंगे 

राष्ट्रिय शिक्षा नीति  में अभी शिक्षा सुधारो  के सुझावों को मंजूरी मिली है, अभी सुधारो  के क्रियान्वयन होना बाकी है| यह जरूरी नहीं है क़ि नई शिक्षा नीति  के सभी सुझाव मान ही लिए जावे, शिक्षा एक समवर्ती विषय है जिस पर केंद्र और  राज्य सरकारें दोनों कानून बना सकती है | इस शिक्षा नीति  में सुधार  के जो सुझाव दिया गए है राज्य सरकारें और केंद्र के  सहयोग  से लागू करेंगे|

नई शिक्षा नीति  कब लागू होगी

राष्ट्रिय शिक्षा नीति  2020  अभी इतनी जल्द लागू होने वाली नहीं है | सरकार ने स्वयं राष्ट्रीय शिक्षा नीति  को पूरी तरह से लागू करने के लिए 2040  के फाइनल ड्राफ्ट में कहा गया है कि  2040  तक देश के लिए एक ऐसी शिक्षा प्रणाली का लक्ष्य होना चाहिए, जहां किसी भी सामाजिक  और आर्थिक पृष्ठभूमि से संबंध रखने वाले शिक्षार्थियों  को बराबर रूप से सर्वोच्च  गुणवत्ता  की शिक्षा उपलब्ध हो|  नई  शिक्षा नीति को लागू करने के लिए  फण्ड अहम है, इसलिये  दिक्क्त लागू करने में होगी|  1968  में बनी पहली राष्ट्रिय शिक्षा नीति फंड का अभाव की वजह से पूरी तरह से लागू नहीं हो पायी  थी|

बोर्ड की होंगी या नहीं

नई शिक्षा नीति  में दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा  में बड़े  बदलाव किये गए है|  बोर्ड की परीक्षाएं  होंगी परन्तु  इनके महत्व को कम किया जावेगा|  वर्ष में दो बार बोर्ड की परीक्षाएं होंगी, विद्यार्थी पर  बोर्ड की परीक्षाओ का दबाव कम होगा| विद्यार्थियों के रटने को परवर्ती को कम रकने के लिए विषयो  के कांसप्ट और ज्ञान  को महत्व दिया जावेगा|  अब  विद्यार्थियों को बोर्ड की परीक्षा पास करने के लिए कोचिंग की जरुरत  नहीं होगी|

बोर्ड की परीक्षा को दो हिस्सों में जैसे  वस्तुनिष्ठ  और व्याख्यात्मक  श्रेणियों में विभाजित किया

जावेगा |

परीक्षा  में मुख्य जोर ज्ञान के परीक्षण पर होगा ताकि विद्यार्थियों  में रटने की परवर्ती  समाप्त हो|  विभिन्न  बोर्ड आने वाले समय में बोर्ड परीक्षाओ के प्तक्टिकल मॉडल  को तैयार करेंगे|  नई शिक्षा  नीति  के तहत  कक्षा  तीन, पांच एवं आठवीं में भी परीक्षाएं  होंगी  और दसवीं ो बारहवीं को बोर्ड परीक्षाएं  बदले स्वरूप में होंगी|   बोर्ड की परीक्षाओ को लेकर यह अहम बदलाव 2022 -23  वाले स्तर से लागू करने के मंशा है|  10 +2  की जगह  नई शिक्षा  निति  में  5 +3 +3 +4  की बात बताई गए है|

 नई शिक्षा नीति  की मुख्य बातें 

  1. नेशनल एजुकेशन पालिसी के अनुसार, 2030  तक एसडीजी 4  से जुडी ईसीसीई से माध्यमिक शिक्षा तक सार्वभौमिकता होगी|
  2. वर्ष 2025 तक नेशनल मिशन के माध्यम से फॉउण्डेशनल लर्निंग  और न्यूमेरसी  कौशल प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित  किया गया है|
  3. नेशनल एजुकेशन पालिसी के अनुसार, 2030  तक प्री-स्कूल से माध्यमिक स्तर तक  शत प्रतिशत GEW  होगी|
  4. वर्ष 2023  तक,  शिक्षकों को मूल्यांकन सुधारो  तैयार किया जावेगा|
  5. समावेशी   और समान शिक्षा प्रणाली के प्रावधान के लिए वर्ष 2023  तक का लक्ष्य रखा गया है|
  6. बोर्ड की परीक्षा  में रट्टा लगाने के बजाय विद्यार्थी  के समग्र  विकास पर ध्यान केंद्रित किया जावेगा, इसलिए मुख्य अवधारणाओं  और ज्ञान का अनुप्रयोग का टेस्ट होगा|
  7.  हर बच्चे को अपने स्कूली शिक्षा पूरी करने के साथ एक कौशल प्राप्तहोगा  यह भी लक्ष्य रखा गया है|
  8. सरकारी और प्राइवेट  स्कूलों में सिखने के एक मानक होंगे और शुल्क भी एक बराबर  बनाया जावेगा|

राष्ट्रिय शिक्षा नीति  से स्कूली शिक्षा में सुधार

  •    10 +2  बोर्ड संरचना  को हटता कर नई संरचना  – 5 +3 +3 +4  होगी
  • नए दिशानिर्देशों के अनुसार, पांचवी तक प्री स्कूल होगा, छठी  से आठवीं  मिडिल स्कूल और आठवीं से ग्यारहवीं  स्कूल होगा और बारहवीं से आगे ग्रेजुएशन होगा|
  • कक्षा छठी  का पश्चात  विद्यार्थी  व्यावसियिक पढिकरमो का चयन कर सकते है और आठवीं से वयरहवी के विद्यार्थी अपनी पंसंद का विषय चुन सकते है|
  • सभी ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में मेजर और माइनर विषयो का प्रावधान होगा|
  • रट्टा लगाने के बजाय विद्यार्थी के विषय के मूल ज्ञान का टेस्ट को लक्ष्य करना होगा |
  • यह निर्णय लिया गया है कि  पांचवी कक्षा तक शिक्षण की भाषा मातृभाषा होगी| त्रिभाषा फार्मूला लागू होगा और उच्च  शिक्षा  तक संस्कृत  को विकल्प रूप में दिया जावेगा|
  • स्टेट अपनी पसंद की भाषा चुनने के लिए स्वतंत्र होंगे उन पर कुछ भी दबाव नहीं होगा|
  • किसी विद्यार्थी  का रिपोर्ट कार्ड में विद्यार्थी के अकादमिक  मार्क्स के स्थान पर विद्यार्थी को कौशल और क्षमताओं  का व्यापक  रिपोर्ट होगा|
  • राष्ट्रीय मिशन का उद्श्य बुनियादी साक्षरता और  न्युमेरेसी पर ध्यान केंद्रित करना है|
  • पढिकरम के शैक्षणिक संरचना में बड़े दबलाव के बजाय संकाय में बड़े बदलाव नहीं होंगे|
  • व्यावसायिक  तथा  शैक्षणिक और पाठ्यक्रम  तथा पाठ्येतर  के बीच सभी बाधाओं को भी दूर करना होगा|

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